गुरुवार, 31 जनवरी 2019

प्यारो नैन रावरो हे सांवरो मन मोह लियो मोर




प्यारो नैन रावरो हे सांवरो  मन मोह लियो मोर
सलोनो रूप रावरो  सांवरो मन मोह लियो मोर
शिर पे सोहे मोर मुकुट अधरन से बंसी बजायें
लेके लकुटिया बन मे ग्वालन संग गैय्या चरावें

प्यारो नैन रावरो सांवरो लख मन हर्षित मोर

रण मा तुम ठाढ भयो तबहू रनछोड़ है कहायो
ग्वालन संग गैय्या चराय के माखनचोर कहायो
सखियन संग रास रचाय बृज मा धूम है मचायो
अंगुरी ते परबत उठाय मानुस, गोधन है बचायो

प्यारो नैन रावरो हे सांवरो मन मोह लियो मोर

देखेन हम जबते तोर सुंदर सी सूरत हे संवरिया
सुध बुध हेराई दिहेन देखके मोहनी सी सुरतिया
राधा संग बनी रहे तुम्हरी सुन्दर प्यारी सी जोड़ी
शरद केर सुध लेत रहौ सुनो हे राधे श्याम थोड़ी

प्यारो नैन रावरो हे सांवरो मन मोह लियो मोर
सलोना रूप रावरो सांवरो मन मोह लियो मोर

शरद कुमार श्रीवास्तव 


हे मित्र 2018
विदाई तुम्हारी हो रही है
सारा विश्व भूला तुरंत
आगत के स्वागत में जुटा है
 देखता हूँ पलटकर तू
विगत के प्रकोष्ठ पर सटा है
बहुत कुछ गोचर है लेकिन
कुछ गुमनामी मे  बटा है
कैसे भूल जाऊं तुमको
दिये कितने लम्हे प्यारे
दिया मुझको बहुत कुछ
खुशियों के प्रसून सारे
मृत्यु के सानिध्य से मुझको निकाला
साढ़ेसाती के प्रकोप का मै था निवाला
ज्येष्ठा पुत्री के आंचल मे प्यारी नातिन को डाला
न भूलेंगे कभी हे 2018 तुमको कभी भी
उपकार तुम्हारे बहुत , ऋणी है हम चिर तुम्हारे

शरद कुमार श्रीवास्तव 

आई लव यू

मेरे जीवन में रस घोल गयी
वह आई लव यू  बोल गयी
ऊषा किरण सबेरे आई थी
कुछ मधुर मधुर मुस्काई थी
चितवन से मिश्री घोल गयी
बस आई लव यू बोल गयी

लो आई पूजा अर्चना की थाली
अक्षत तुलसी बिल्व युत आली
नव कुसुम, कुमकुम रोली लाली
सुगंधित धूप, लौ आरती वाली
आस्था श्रद्धा के रंग घोल गयी
घन्टी सुर से लव यू बोल गयी

दसों दिशाएँ मे लपेटे हुए पहर
दिगन्तों मे फैले प्रणव के स्वर
दिन दुपहरी के वे पल दुष्कर
श्रम बिन्दु बिखरे मस्तक पर
मेरे जीवन मे मिश्री घोल गयीं
एहसासों मे लव यू बोल गयीं

सोंधी खुश्बू उड़ती वसुधा की
घर बगिया मे फैली वसुधा की
अपनो सी ही अपनी वसुधा की
हर बात निराली इस वसुधा की
मेरे अन्तर मे जादू  घोल गयी
प्यार से आई लव यू बोल गयी

बागों में कोयल के स्वर आली
सुरीली सी मद की भरी प्याली
उल्लसित बगिया की हरियाली
पुष्प कलिकाएं अंक भर थाली
मेरे स्वदेश की शोभा बने आली
मुझको वे आई लव यू बोल गयी

शरद कुमार श्रीवास्तव