खिड़की खुली रखना आएंगी हवाएं
सासें तुम्हारी तुुम्हे दे जाएंंगी दुआएं
अंतस् को जरूरी खुशनुमा फिजाएं
ताजा प्राणदायनी शुद्ध साफ हवाएँ
मास्क बनाएगा सांसो पर कड़ा पहरा
करोना का आतंक अभी तक है ठहरा
नाच रही हैं बेखौफ जालिम की सदाएं
ख्यालो मे पसरी कल की गन्दी हवाएं
ख्यालो मे पसरी कल की गन्दी हवाएं
लम्बी जंग लड़ा, कर कुछ और शगल
कुछ देर ठहर जा कुछ तू और संभल
तीसरी शय से लड़ने की है सब तैयारी
हमने वैक्सीनो की पूरी फौज है उतारी
कोरोना अब हारेगा इन्ही तदबीरों से
लडाई छिड गई काम नहीं तकदीरों से
जंग छिड़ ही गई है बस आगे बढो ना
जीत तुम्हारी होगी तुुम और डरो ना
जंग छिड़ ही गई है बस आगे बढो ना
जीत तुम्हारी होगी तुुम और डरो ना
शरद कुमार श्रीवास्तव
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