रविवार, 8 अक्टूबर 2023

जिया रह-रह के लरजे

 अंबर पे छाई बदरिया जिया रह रह के लरजे

पिया हैं दूसर नगरिया जिया रह रह के लरजे

भेजा संदेसा पिया हमका जल्दी तुम बुलाओ

बीतत जात है उमिरिया जिया रह रह के लरजे


कारी बदरिया बिजुरिया दूनौ  हमपे गरजै

धमके है हमरी पिंजुरिया जिया रह-रह  के लरजै

भीजी है सारी ओढ़निया जिया रह रह के लरजे

काँपत है सारी बदनिया जिया रह रह के लरजे



छाई है घनघोर  अंधेरिया जिया रह रह के लरजे

दिया न बाती न अंजोरिया जिया रह रह  के लरजे

साथी न एकौ संगेरिया पिया जिया रह रह के लरलरजे

अंबर पे छाई  बदरिया जिया रह रह  के लरजे


शरद कुमार श्रीवास्तव 



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