सोमवार, 19 फ़रवरी 2018

मधुमास गीत

अलि तुम आली से कहना यहाँ  मधुमास आया है
चहकती हैं यहाँ  कलियाँ  भ्रमर दल पास आया है
हवाओं में गुलाबी ठंडक है, फिजा में मस्ती छाई है
खेतों से भीनी भीनी खुशबू अभी सरसों की आई है

नई कोपल नई किसलय विटप पर रौनक  छाई है
गया संग शीत के पतझड़, सूखे पत्ते हैं पेड़ों के नीचे
आली छुपके से आना तुम यहाँ  न आंखों को  मीचे
मचेगा शोर उपवन में अनंग का छल छद्म छाया है

अलि तुम सखी से कह दो यहाँ  मधुमास आया
तितलियाँ यहाँ चंचल कलियों का राज छाया है
बागों में प्रणय स्वर गुंजित है, सुघड़ और मधुकर
आली को दे देना यह संदेश जरा  झाड़ी में छुपकर

सखी है उस पार पर्वत के, गिरि पे बर्फ पिघली है
नदियों में कलकल जल जहाँ से सरिता निकली है
ग्रीष्म, वर्षा से पीड़ित  वन वहाँ  भी रौनक छाई है
अलि तुम आली से कह दो सुगन्धित  पाती आई है

सबों  का ऋतुराज मौसम यह, जामुन आम बौराया
कोयल पिक् आदि पक्षी का मधुर  स्वर है  लहराया
इधर हाला उधर टेसू पलाश  होली का  रंग गहराया
अलि तुम आली से कहना यहाँ  मधुमास है  आया

शरद कुमार  श्रीवास्तव








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