पाती
यादो के समुन्दर मे लहरे गिरती पड़ती रहती
कोई तसवीर मुक्कम्मल नहीं रह पाती उसमे
रेत के टीले बनते बिगडते यादों के मरुथल मे
प्यार के हरियाली भरे वे बाग संजो नहीं पाते
बक्से के कोने मे पडी तेरे हाथ से लिखी पाती
पीली पड़ गई है पर बक्से के बाहर नही जाती
लिपटी तेरे प्यार के फूलो की महकती गंध मे
फुसला के ले जाती भूले हुऐ सुहाने मंजर तक
उन लमहों, उन पलों तक जो न वापस होंगे
ले जाती है तेरी सौगात तेरी चिट्ठी मुझको
हाले दिल बयाँ कर जो पाती मे लिख भेजा था
एहतियातों से संजोया है तेरा दस्तावेज बहोत
दिल की बात दिल के कोने मे उठती फिर भी
सिर्फ पाती है कभी तुझ सी हो नहीं सकती
सागर के मोतियों सी उज्जवल तेरी वो याद
आँखों की सीपियों मे संजोये रखता है ये मन
रचना
यादो के समुन्दर मे लहरे गिरती पड़ती रहती
कोई तसवीर मुक्कम्मल नहीं रह पाती उसमे
रेत के टीले बनते बिगडते यादों के मरुथल मे
प्यार के हरियाली भरे वे बाग संजो नहीं पाते
बक्से के कोने मे पडी तेरे हाथ से लिखी पाती
पीली पड़ गई है पर बक्से के बाहर नही जाती
लिपटी तेरे प्यार के फूलो की महकती गंध मे
फुसला के ले जाती भूले हुऐ सुहाने मंजर तक
उन लमहों, उन पलों तक जो न वापस होंगे
ले जाती है तेरी सौगात तेरी चिट्ठी मुझको
हाले दिल बयाँ कर जो पाती मे लिख भेजा था
एहतियातों से संजोया है तेरा दस्तावेज बहोत
दिल की बात दिल के कोने मे उठती फिर भी
सिर्फ पाती है कभी तुझ सी हो नहीं सकती
सागर के मोतियों सी उज्जवल तेरी वो याद
आँखों की सीपियों मे संजोये रखता है ये मन
रचना
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